लाडनूँ, 24 मार्च 2026। संस्थान के शिक्षा विभाग में विश्व क्षयरोग दिवस पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष प्रो. बी.एल. जैन ने में कहा कि टी.बी. एक खतरनाक बीमारी है, लेकिन जागरूकता और समय पर इलाज के माध्यम से इसे समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि टी.बी. के मुख्य लक्षणों में 2-3 सप्ताह तक लगातार खांसी, बलगम में खून आना, रात में पसीना आना, वजन कम होना और कमजोरी शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर जांच और उपचार शुरू करना चाहिए। मरीजों को पूर्ण उपचार कोर्स पूरा करना चाहिए। टी.बी. से बचाव के उपाय बताते हुए उन्होंने समय पर टीकाकरण, खांसते समय मुंह ढकने, स्वच्छता बनाए रखने, पौष्टिक आहार लेने और संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखने की सलाह दी।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. देवीलाल कुमावत ने बताया कि टीबी की गंभीर बीमारी के प्रति समाज को जागरूक करने के लिए यह दिवस महत्वपूर्ण अवसर है। विश्व क्षयरोग दिवस की इस वर्ष की थीम “हाँ! हम टीबी को समाप्त कर सकते हैं!” पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक संकल्प है, जो हमें विश्वास दिलाता है कि सामूहिक प्रयासों से इस बीमारी को समाप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम में डॉ. मनीष भटनागर ने भी अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के संकाय सदस्य डॉ. अमिता जैन, डॉ. आभा सिंह, डॉ. विष्णु कुमार, डॉ. गिरीराज भोजक, डॉ. गिरधारी लाल शर्मा, खुशाल जांगिड़, स्नेहा शर्मा सहित सभी छात्राएं उपस्थित रहीं।




