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सदभावना, नैतिकता का प्रयोग और नशा मुक्ति, ये तीन संकल्प जीवन में जरूरी- आचार्य श्री महाश्रमण

सदभावना, नैतिकता का प्रयोग और नशा मुक्ति, ये तीन संकल्प जीवन में जरूरी- आचार्य श्री महाश्रमण

एक दिवसीय युवा अहिंसा प्रशिक्षण शिविर आयोजित

लाडनूँ 14 जुलाई 2026। जैन विश्वभारती संस्थान (डीम्ड विश्वविद्यालय) के अहिंसा एवं शांति विभाग द्वारा 14जुलाई को एक दिवसीय युवा अहिंसा प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। संस्थान के कुलपति प्रोफेसर बच्छराज दूगड़ ने अनुशास्ता को निवेदन किया कि यह शिविर ’युवा, सोशल मीडिया और जीवन मूल्य’ विषय पर आयोजित हुआ। इस शिविर में राजस्थान के विभिन्न जिलों के 18 महाविद्यालय के लभग 85 विद्यार्थियों ने लिया। कुलपति प्रो. दूगड़ ने शिविर की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए विद्यार्थियों को अहिंस प्रशिक्षण की आवश्यकता पर दिशाबोध दिया। अनुशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण ने विद्यार्थियों को पाथेय प्रदान करते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी के जीवन के लिए आवश्यक है कि वह अपने जीवन में तीन संकल्प को अवश्य ग्रहण करें। उन्होंने सदभावना, नैतिकता का प्रयोग और नशा मुक्ति जीवन में रखने का संकल्प विद्यार्थियों को करवाकर दीर्घ श्वास प्रेक्षा के प्रयोग करवाए। इस अवसर पर विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी आचार्यश्री ने करवाया और क्रोध नियंत्रण, असफलता का सामना, आडंबर से मुक्ति तथा सफल जीवन जीने के सूत्रों की चर्चा की।

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