JVBI
JVBI Assistant
Online • Reply in 1 min
NAAC A Grade
ISO 9001:2015
34+ Years of Excellence
Apply Online
Call : 9461239683
Back to News
General

‘भाषाओं के पार कविता और भाषाओं के माध्यम से संगीत’ पर कार्यक्रम

‘भारतीय भाषा उत्सव’ के अंतर्गत द्वितीय दिवस 5 दिसम्बर को ‘भाषाओं के पार कविता और भाषाओं के माध्यम से संगीत’ विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष प्रो. बी.एल. जैन ने कहा कि कविता और संगीत मानव अभिव्यक्ति की वे विशिष्ट विधाएं हैं, जो सीमाओं, संस्कृतियों और समाजों की विविधता को जोड़ने का सामथ्र्य रखते हैं। कविता भाषा के बंधनों से परे जाकर भावनाओं की सूक्ष्मतम परतों को उजागर करती है, चाहे वह हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, तमिल या किसी भी अन्य भाषा में लिखी गई हो। उसके शब्दों में निहित लय, ध्वनि और प्रतीकात्मकता मनुष्य के हृदय में समान रूप से स्पंदन पैदा करते हैं। यही कारण है कि अनुवादित या रूपांतरित कविताएं भी अपनी मूल संवेदना को संरक्षित रखते हुए पाठक को भावनात्मक रूप से प्रभावित करती हैं। संगीत इस भाव-अनुभूति को और अधिक सार्वभौमिक बना देता है। विभिन्न भाषाओं के गीत अपनी धुन, ताल और आरोह-अवरोह के माध्यम से मन को छूते हैं। संगीत के स्वरों में वह शक्ति है, जो भाषा की बाधाओं को दूर करके सीधे अनुभूति के स्तर पर संवाद स्थापित करती है। जब कविता और संगीत मिलकर अभिव्यक्ति का रूप लेते हैं, तो वे वैश्विक सांस्कृतिक एकता के माध्यम बन जाते हैं। वे हमें यह समझाते हैं कि भाषा भले बदले, पर भावनाएं, मानवीय संवेदनाएं और सौंदर्यबोध सार्वभौमिक हैं। इसमें विविधता में एकता का अनुभव और मानवता को जोड़ने का कार्य निहित है। कार्यक्रम में आरती स्वामी, पलक टाक, सरिता, आरती पारीक, हेमलता, रंजना, प्रीति, तनिष्का, स्वाति, पिंकी जांगिड आदि विद्यार्थियों ने अलग-अलग विषय पर कविता एवं संगीत के माध्यम से समां बांध दिया। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. अमिता जैन ने किया।

‘कहावतों में एकता और भाषा मित्र सहयोग’ सम्बंधी कार्यक्रम

‘भारतीय भाषा उत्सव’ कार्यक्रम श्रृंखला के अंतर्गत चतुर्थ दिवस 8 दिसम्बर को ‘कहावतों में एकता और भाषा मित्र सहयोग’ विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके अन्तर्गत ‘भाषा मित्र’ मॉडल गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस गतिविधि से विद्यार्थियों ने भाषा में छिपी कहावतें, जो सामुहिकता, सहयोग और सकारात्मकता की सोच को मजबूत करती हैं, उनको जाना-समझा। इस गतिविधि में छात्रों ने ऐसी कहावतों का चयन किया, जिनमें एकता, सहयोग और मिलकर कार्य करने का संदेश निहित है, जैसे ‘एकता में शक्ति है’, ‘संगठन में बल है’, ‘जहां चाह वहां राह’, ‘बूंद-बूंद से सागर भरता है’ आदि। इस ‘भाषा मित्र’ मॉडल ने परस्पर सीखने की प्रक्रिया को सहज, रोचक और प्रभावी बनाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष प्रो. बी.एल. जैन ने अपने कहा कि इस कार्यक्रम से विद्यार्थियों में सामाजिक समरसता, टीमवर्क और भाषाई संवेदनशीलता को बढ़ावा मिलता है। कहावतें केवल भाषा का अलंकरण नहीं, बल्कि जीवन के अनुभवों का सार होती हैं। संपूर्ण कार्यक्रम ने टीमवर्क, संचार कौशल और भाषा के प्रति सम्मान को बढ़ावा दिया। इस गतिविधि में ललिता प्रजापत, रेणु कंवर, प्रीति साख, अनोखा, शारदा बेनीवाल, भारती भाटी, विजयलक्ष्मी सोनी आदि ने भाग लिया। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. अमिता जैन ने किया।

भाषा मेला आयोजित

‘भारतीय भाषा उत्सव’ के अंतिम दिवस 11 दिसम्बर को कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष प्रो. बी.एल. जैन ने कहा कि इसका उद्देश्य मातृभाषा के प्रति प्रेम बढ़ाना, सभी भारतीय भाषाओं के बीच आपसी सद्भाव, विविधता में एकता का अनुभव कराना और भाषाओं को केवल किताबी न रखते हुए उन्हें जीवंत और इंटरैक्टिव तरीके से सीखना है। यह एक ऐसा कार्यक्रम है जहां लोग विभिन्न भाषाओं को मजेदार और सहभागी तरीकों से सीखते और अनुभव करते हैं, जिसमें शैक्षिक खेल, हस्तनिर्मित किताबें, कहानी सुनाना और ऐसे रंगमंच प्रदर्शन शामिल होते हैं, जहां दर्शक भी कहानी का हिस्सा बन सकें, जिसका लक्ष्य भाषाई सद्भाव को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि भाषाएं संस्कृतियों और विचारधारा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। व्यक्ति और समाज की वास्तविक पहचान का महत्वपूर्ण घटक भाषा ही होती है। हिन्दी ही एकमात्र इस प्रकार की भाषा है, जिसमें हम अपने भावों को लिपिबद्ध कर सकते हैं। भारतीय भाषा उत्सव के अंतिम दिवस विद्यार्थियों ने भाषा मेला के रूप में स्वाति ने कविता, कविता स्वामी एवं पूजा प्रजापत ने कहानी, शारदा ने दोहा, पलक, आरती पारीक, उर्मिला, निशा, ललिता, कोमल, भारती ने सामूहिक रूप से लघु नाटिका के रूप में अपने भावों को उद्वेलित किया। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. अमिता जैन ने किया। कार्यक्रम में समस्त संकाय सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

Share:
Latest News