लाडनूँ, 3 जनवरी 2026। वीर बाल दिवस के अवसर पर संस्थान के शिक्षा विभाग द्वारा ज्ञान आधारित खेल, समूह चर्चा (ग्रुप डिस्कशन) एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, साहस एवं राष्ट्रप्रेम की भावना का विकास करना रहा। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. देवीलाल कुमावत ने बताया कि वीर बाल दिवस भारत के इतिहास में बच्चों के अदम्य साहस, अटूट आस्था और सर्वोच्च बलिदान को स्मरण करने वाला एक प्रेरणादायक राष्ट्रीय पर्व है। यह दिवस प्रत्येक वर्ष 26 दिसंबर को दसवें सिख गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादों जोरावर सिंह (8-9 वर्ष) एवं फतेह सिंह (6-7 वर्ष) की अमर शहादत की स्मृति में मनाया जाता है। इतनी अल्प आयु में भी उन्होंने अपने धर्म और मूल्यों से समझौता नहीं किया। उनका साहस और बलिदान आज भी सम्पूर्ण राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत है। इसी दिन भारत के राष्ट्रपति द्वारा 18 वर्ष तक के बच्चों को बहादुरी, खेल, समाज सेवा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण तथा कला व संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं। विभागाध्यक्ष प्रो. बी. एल. जैन ने जानकारी दी कि भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2022 में वीर बाल दिवस मनाने की घोषणा की गई। यह दिवस भारत मंडपम, नई दिल्ली सहित देशभर में समूह चर्चा, खेलकूद एवं विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ग्रुप डिस्कशन सीखने का एक प्रभावी माध्यम है। खेलों के माध्यम से विषयवस्तु को सरल और रोचक तरीके से समझाया गया तथा सीखने की प्रक्रिया को LSRW ¼Listening, Speaking, Reading, Writing½ पद्धति से जोड़ा गया। अंत में कहा कि वीर बाल दिवस यह संदेश देता है कि आयु भले ही छोटी हो, लेकिन आदर्श, साहस और संकल्प असीम होते हैं। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए आरती पारीक के विजेता रहने की घोषणा डॉ. गिरधारी लाल शर्मा ने की। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के सभी संकाय सदस्य एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।




