लाडनूँ, 10 अक्टूबर 2024।जैन विश्व भारती संस्थान के अहिंसा एवं शांति विभाग में अध्यनरत विद्यार्थियों ने पंजाब एवं हिमाचल प्रदेश के महत्वपूर्ण स्थलों का 05 से 07 अक्टूबर 2024 तक भ्रमण किया। भ्रमण दल की संयोजक डॉ. लिपि जैन ने बताया कि यह दल कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ के मार्गदर्शन तथा संरक्षण में मुनिश्री जयकुमार जी के दर्शन कर 4 अक्टूबर को दोपहर बाद संस्थान परिसर से 4रू00 बजे रवाना हुआ जो 5 अक्टूबर को सुबह अमृतसर पहुंचा। दल के 19 सदस्यों ने इसी दिन सर्वप्रथम जलियांवाला बाग का भ्रमण किया और वहां के ऐतिहासिक स्थलों एवं तथ्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस पार्क में नव तकनीक का प्रयोग कर बनाए गए जानकारी के केंद्रों का अवलोकन किया और राष्ट्रीय आंदोलन एवं इस बाग के घटनाक्रम के विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली। इसके पश्चात भारत-पाक सीमा पर बनाए गए सैन्य अभ्यास के स्थल वाघा (अटारी) बॉर्डर पर पहुंचकर सैनिकों के सैन्य प्रदर्शन की विभिन्न क्रियाओं को देखकर भाव विभोर हुए और राष्ट्रभक्ति के ओजस्वी में माहौल का आनंद लिया। उसके पश्चात संध्याकाल के समय विश्व विख्यात स्वर्ण मंदिर का भ्रमण किया जहां गुरु ग्रंथ साहिब के दर्शन किए और सुनहरे रोशनीमय वातावरण की भव्य सुंदरता का आनंद उठाया । विद्यार्थियों ने इस मंदिर के ऐतिहासिक पहलुओं की भी जानकारी प्राप्त की। दूसरे दिन 6 तारीख को विद्यार्थियों ने हिमाचल प्रदेश के कालीटोप अभयारण्य की यात्रा की, जहां विशालकाय वृक्षों के मनमोहक दृश्य व प्राकृतिक झरनों का आनंद उठाया और इस पहाड़ी प्रांत के प्राकृतिक वातावरण का आनंद लिया। इसी दिन विद्यार्थियों ने पंचपुला वॉटरफॉल व पार्टीशन म्यूजियम का भ्रमण किया और डलहौजी में गांधी प्रतिमा के भी दर्शन किए। 7 तारीख को सुबह विद्यार्थियों का भ्रमण दल अमृतसर से जैन विश्व संस्थान लाडनूं के लिए रवाना हुआ जो रात को सकुशल संस्थान परिसर पहुंचा। इस भ्रमण दल के साथ विभागाध्यक्ष डॉ.बलबीर सिंह व विभाग के संकाय सदस्य डॉ.रविंद्र सिंह राठौड़ भी रहे।




